- Gen Z को Great Generation बनाने के लिए नशामुक्त जीवन जरूरी : डॉ. ए.के. द्विवेदी
- LPU's Future-Ready B.Tech Ecosystem Powers Record Placements with Industry-Ready Talent
- ग्रीनप्लाई ने लॉन्च की टर्मीवैक्स - प्लाईवुड के लिए भारत की पहली एंटी-टर्माइट वैक्सीनेटेड तकनीक
- Greenply Launches Termivax, India's First Anti-Termite Vaccinated Technology in Plywood
- Varun Sood Backs Best Friend Harman Singha Ahead of The Traitors Season 2: You've got this! Go kill it, Harman!
रैम्प (RAMP) योजना के अंतर्गत दो दिवसीय कॉम्पोजिट एमएसएमई (MSME) जागरूकता कार्यशाला का सफल आयोजन
थांदला (झाबुआ), 2 जुलाई 2026: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार की रैम्प (रेज़िंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस) योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एमपीएलयूएन) द्वारा जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र (डीटीआईसी), झाबुआ के सहयोग से अनमोल होटल एंड रेस्टोरेंट, थांदला में दो दिवसीय कॉम्पोजिट एमएसएमई जागरूकता कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य जिले के एमएसएमई उद्यमियों, स्टार्टअप्स, युवा उद्यमियों, व्यापारियों एवं स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को केंद्र एवं राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं, आधुनिक व्यावसायिक प्रबंधन, डिजिटल प्लेटफॉर्म, वित्तीय सहायता, गुणवत्ता प्रमाणन तथा बाजार विस्तार के अवसरों से अवगत कराना है, जिससे स्थानीय उद्यमिता को नई गति मिल सके।
कार्यक्रम के प्रथम दिवस में एमएसएमई पॉलिसी-2025, स्टार्टअप पॉलिसी-2025, रैम्प योजना, औद्योगिक भूमि एवं भवन आवंटन, ऑनलाइन डिस्प्यूट रेजोल्यूशन (ओडीआर), एमएसईएफसी, विलंबित भुगतान समाधान, वित्तीय जागरूकता एवं क्रेडिट लिंकिंग, एसएचजी फॉर्मलाइजेशन, टीम तथा ओएनडीसी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि किस प्रकार सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं तथा डिजिटल माध्यमों से देशभर के बाजारों तक अपनी पहुँच बना सकते हैं।
कार्यक्रम में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र की प्रबंधक श्रीमती जया परमार, सहायक प्रबंधक श्री संजीव जैन, नगर परिषद झाबुआ की सामुदायिक संगठक सुश्री दिव्या बेलवाल एवं श्रीमती उर्मिला प्रजापति ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में उद्यमिता का विकास स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने युवाओं एवं स्वयं सहायता समूहों से शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
कार्यशाला के द्वितीय दिवस में जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट (जेड) सर्टिफिकेशन, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स (आईपीआर), जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई), एमएसई-स्पाइस तथा सर्कुलर इकोनॉमी सहित अनेक समकालीन विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। प्रतिभागियों को गुणवत्ता सुधार, लागत में कमी, पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन, नवाचार तथा प्रतिस्पर्धी बाजार में बेहतर अवसरों के संबंध में विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को एमएसएमई पंजीयन, औपचारिक उद्यम के रूप में विकसित होने, बैंक ऋण एवं शासकीय प्रोत्साहनों का लाभ प्राप्त करने तथा ओएनडीसी एवं टीम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे ग्रामीण एवं शहरी महिला उद्यमियों को स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय बाजार तक पहुँच बनाने के नए अवसर प्राप्त होंगे।
कार्यशाला में रैम्प कंसल्टेंट श्री शुभम सरवर, ओएनडीसी विशेषज्ञ श्री अवधेश यादव, आईपीआर विशेषज्ञ श्री अभय लूनिया, जेड प्रशिक्षक श्री विपुल पलाशन, एसएचजी फॉर्मलाइजेशन विशेषज्ञ सुश्री सुधा तथा वित्तीय जागरूकता विशेषज्ञ श्री चंदन बाधवानी सहित विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान किया।
कार्यक्रम में जिले के बड़ी संख्या में एमएसएमई उद्यमियों, स्टार्टअप प्रतिनिधियों, व्यापारियों, युवाओं एवं स्वयं सहायता समूहों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की निरंतरता की अपेक्षा व्यक्त की।


